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ये क्या! न्यायधानी में जमीन कब्ज़ा करने का नया पैतरा, मृतक के परिजनों ने अधिवक्ता की निजी जमीन पर ही शव को दफना डाला

  • शव हटाने की मांग, मृत ब्यक्ति के शरीर को मरने के बाद भी जमीन नसीब नही होगी?
  • जिला दण्डाधिकारी और तोरवा थाना में शिकायत दर्ज

बिलासपुर। लालखदान में जहाँ किसी समय गुंडागर्दी की सीमा चरम पर थी जमीन मालिकों को घर बनाने से पहले वहाँ के नामचीन गुंडों को गुंडा टेक्स देना होता था, आज भले ही गुंडागर्दी की सीमा अब गुंडों के चौखट तक ही सिमटकर रह गई है लेकिन आज भी कुछ लोगों में कानून का भय ही नही है। ताजा मामला लालखदान इलाके के महमंद गांव का है। जहाँ कुछ लोगों ने किसी आम आदमी नही बल्कि एक अधिवक्ता की ज़मीन को हड़पने की नीयत रखकर अपने परिवार के मृत सदस्य के शव को दफ़न कर दिया है।

जानकारी अनुसार पहन 44, रा.नि. म बिलासपुर तहसील बिलासपुर खसरा नंबर 511/ 99 कुल रकबा 0.3120 हेक्टेयर जमीन भू-अभिलेखों में अधिवक्ता कमलेश प्रसाद पिता स्व सुखदेव प्रसाद और उनकी बहन सुविधा देवी के नाम पर दर्ज चले आ रहा है। जिस जमीन पर अधिवक्ता कमलेश प्रसाद के आरोप मुताबिक शांति बाई पति स्व नामदास भार्गव ने अपने बड़े बेटे के शव को भूस्वामियों के बगैर अनुमति दफ़न कर दिया है। अधिवक्ता कमलेश प्रसाद को जब इसकी भनक लगी तो वे वहाँ पहुचकर शांति बाई और उसके छोटे बेटे से इस संबंध में पूछे जिन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वही इस संबंध में जब अधिवक्ता ने शांति बाई की पड़ोसी से पूछताछ किया तो पता चला कि 28 या 29 जनवरी के दिन शव को दफनाया गया है। अधिवक्ता ने शांति बाई के खिलाफ तोरवा थाना में शिकायत दर्ज कराई लेकिन कार्यवाही नही होने पर उन्होंने जिला दण्डाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर शव हटाने और कार्यवाही की मांग रखी है।

शासकीय जमीन को कब्ज़ा मुक्त कराने शांति बाई के खिलाफ पहले भी हो चुकी है शिकायत

बताया जा रहा है कि शांति बाई के खिलाफ 8-9 बर्ष पूर्व शासकीय जमीन में निर्माण किये मकान को हटाने 248 की कार्यवाही की गयी थी किंतु आज तक शासकीय जमीन को कब्जा मुक्त नही कराया जा सका, इसका उल्लेख भी अधिवक्ता कमलेश प्रसाद के द्वारा आवेदन पत्र में किया गया है।

क्या जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर शव को हटवा पाने में कामयाब हो पायेंगे?

देखने वाली बात होगी कि क्या जिला दण्डाधिकारी अधिवक्ता के आवेदन को गंभीरता से लेकर अधिवक्ता के निजी जमीन को शव के कब्ज़े से मुक्त करा पाएंगें या फिर अन्य कई प्रकरणों की तरह वर्षों तक इस मामले में पेशी की तारीख बढ़ती रहेंगी?

शव के चारों तरफ कांटा तार का घेरा

शांति बाई ने जिस जगह पर अपने बड़े पुत्र को दफ़न कराया है उसके चारों तरफ कांटा तार का घेरा डाल दिया गया है जिससे पीड़ित अधिवक्ता कमलेश प्रसाद को खुद के जमीन हड़प लिए जाने का डर है उन्होंने मीडिया से बताया कि इन लोग ने केवल और केवल जमीन हड़पने की नीयत से शव को दफ़न किया है क्योंकि महमंद गांव में दाह संस्कार के लिए सार्वजनिक जमीन निर्धारित है।

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