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शव मामला फॉलोअप:महमंद पटवारी ने कोटवार और भूस्वामियों की उपस्थिति में बनाई पंचनामा रिपोर्ट

बिलासपुर। सरकारी जमीन पर कब्ज़ा के अलावा अब अधिवक्ता की निजी भूमि पर कब्ज़ा करने की नीयत रखना महमंद निवासी शांति बाई और परिवार के सदस्यों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। दरअसल दाह संस्कार के लिए स्थान निर्धारित होती है जिसका उल्लेख भी संविधान में है। किंतु निर्धारित स्थान पर दाह संस्कार नही करके अधिवक्ता की निजी भूमि पर शव दफ़न कर दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी से शिकायत के बाद तहसील बिलासपुर ने कार्यवाही शुरू कर दी है। आज मौके का महमंद पटवारी ने कोटवार और भूस्वामियों की उपस्थिति में पंचनामा किया है। पटवारी के निर्देश पर भूस्वामी अधिवक्ता कमलेश प्रसाद (पहन महमंद खसरा क्रमांक 511/99) के द्वारा पंचनामा प्रतिवेदन में हस्ताक्षर किया गया किंतु शव दफ़न करने वाले परिवार के सदस्यों ने पंचनामा प्रतिवेदन में हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया।
तहसीलदार के निर्देश पर महमंद पटवारी श्री जायसवाल के द्वारा मौके का पंचनामा कार्यवाही पूर्ण कर लिया गया है अब तहसील बिलासपुर इस मामले में आगे की कार्यवाही करने वाली है। महमंद पटवारी ने शव दफ़न करने वाले भार्गव परिवार को जिस जमीन में शव दफ़न किया गया है उसका कागज लेकर तहसील में उपस्थित होने कहा है। अब मामले में आगे बिलासपुर तहसील फैसला कर सकती है

शांतिबाई पति स्व नामदास भार्गव के पास अब जमीन संबंधित दस्तावेज है या नही यह तो तहसील में उपस्थिति के दौरान ही पता चलेगा फ़िलहाल इस मामले में तहसील बिलासपुर गंभीर है।

पंचनामा कार्यवाही के दौरान शांतिबाई की आँखों मे आ गए आंसू

शांतिबाई से जब जमीन का कागज मांगा गया तो वे जमीन संबंधित दस्तावेज दिखाने की बजाए रोने लगी, लेकिन राजस्व टीम के सामने जमीन संबंधित दस्तावेज पेश नही कर सकी। शांतिबाई की सड़क से लगी जमीन पर घर है परिवार की भरण पोषण के लिए वे पर्याप्त शासकीय रकबा में काबिज है फिर भी अधिवक्ता की निजी भूमि पर शव को दफनाना संसय को खड़ा करता है।

यह है पूरा मामला

जानकारी अनुसार पहन 44, रा.नि. म बिलासपुर तहसील बिलासपुर खसरा नंबर 511/ 99 कुल रकबा 0.3120 हेक्टेयर जमीन भू-अभिलेखों में अधिवक्ता कमलेश प्रसाद पिता स्व सुखदेव प्रसाद और उनकी बहन सुविधा देवी के नाम पर दर्ज चले आ रहा है। जिस जमीन पर अधिवक्ता कमलेश प्रसाद के आरोप मुताबिक शांति बाई पति स्व नामदास भार्गव ने अपने बड़े बेटे के शव को भूस्वामियों के बगैर अनुमति दफ़न कर दिया है। अधिवक्ता कमलेश प्रसाद को जब इसकी भनक लगी तो वे वहाँ पहुचकर शांति बाई और उसके छोटे बेटे से इस संबंध में पूछे जिन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वही इस संबंध में जब अधिवक्ता ने शांति बाई की पड़ोसी से पूछताछ किया तो पता चला कि 28 या 29 जनवरी के दिन शव को दफनाया गया है। अधिवक्ता ने शांति बाई के खिलाफ तोरवा थाना में शिकायत दर्ज कराई लेकिन कार्यवाही नही होने पर उन्होंने जिला दण्डाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर शव हटाने और कार्यवाही की मांग रखी है।

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