छत्तीसगढ़बिलासपुर संभाग

न्यायधानी के शातिर ठग बिल्डर दंपत्ति की संपत्ति पर बैंक का शिकंजा, कलेक्टर ने की नोटिस जारी

  • कई ग्राहकों और बैंकों के करोड़ो रूपये हजम
  • कलेक्टर के आदेश पर कार्यपालिक दण्डाधिकारी ने निकाली नोटिस, 22 अप्रैल को अगली सुनवाई

बिलासपुर न्यायधानी में नियमविरुद्ध बड़ी-बड़ी आलीशान बिल्डिंग/ अपार्टमेंट निर्माण करके ग्राहकों और बैंक को अपने झांसे में लेकर करोड़ो रुपए की ठगी करने के आरोपित राजेश सेठ और रजनी सेठ पर अब बैंक अपना शिकंजा कस रहा है। सेंट बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नीलामी प्रक्रिया थमी नही की अब राजेश सेठ और रजनी सेठ की अन्य संपत्तियों को अपने अधिपत्य लेने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा ने जिला दण्डाधिकारी के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया है। जिस प्रकरण में 22 अप्रैल को अगली सुनवाई है। जिला दण्डाधिकारी के आदेश पर कार्यपालिक दण्डाधिकारी ने आम इश्तिहार नोटिस जारी किया है और मेसर्स विनायका ग्रुप के मालिक राजेश सेठ और रजनी सेठ या उनके अधिवक्ता को पेशी दिनांक पर उपस्थित होने के लिए सूचित किया है।

बताते चले मेसर्स विनायका ग्रुप पार्टनर्स राजेश सेठ और रजनी सेठ ने अनोखे अंदाज में ठगी को अंजाम दिया है। सेठ दंपत्ति के ठगी की मंशा को अपराध तक पहुचाने के लिए सेंट बैंक के कर्मचारी/अधिकारी भी पीछे नही रहे है। जो संपत्ति पहले से ही बैंक ऑफ बड़ोदा में गिरवी थी उसी संपत्ति को सेंट बैंक ने गिरवी रखकर लोन तक दिया है हालांकि बाद में पीड़ितों की शिकायत पर बड़ी मशक्कत के बाद बैंक कर्मचारियों सहित राजेश सेठ और रजनी सेठ के खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गए। चार्जशीट दाखिल के लिए भी पीड़ितों को मसक्कत करना पड़ा था मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है महाठग राजेश सेठ की सेटिंग इतनी तगड़ी है कि शहर में आलीशान बिल्डिंग बिना नक्शा पास के निर्माण होते रहा निर्माण हो गया और उसी बिल्डिंग पर अलग-अलग बैंकों से करोड़ो रूपये का लोन सेठ दंपत्ति लेते रहे और फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों को भी बैंक में गिरवी रखे संपत्ति पर लोन दिलाते रहे अंत मे सेठ दंपत्ति सारा रकम डकार कर चंपत हो गए। अब महाठग के झांसे में आने वाले ग्राहक और बैंक अपना रकम वापस पाने के लिए न्यायालय के चक्कर काट रहे है इस महाफर्जीवाड़े में बड़ी बात यह है कि धोखाधड़ी में बैंककर्मियों की भी अहम भूमिका रही? अगर बैंककर्मी इन ठगों के पार्टनर नही होते तो ग्राहक और बैंक दोनो ही इन ठगों के झांसे में आने से बच जाते! क्योंकि एक प्रोपर्टी को अलग-अलग बैंको में मॉर्गेज करना बिना बैंककर्मियों के मिलीभगत मुमकिन नही होता।

इन संपत्ति को अधिपत्य लेने नोटिस

सिरगिट्टी खसरा नंबर 664/42 रकबा 1600 वर्गफीट,खसरा नंबर 664/43 रकबा 1600 वर्गफीट,जूना बिलासपुर खसरा नंबर 820 भाग का रकबा 1642 वर्गफीट मकान/भूमि बैंक ऑफ बड़ौदा के पास गिरवी है बैंक को रकम नही मिलने पर बैंक अब राजेश सेठ और रजनी सेठ की इन संपत्तियों को अपने अधिपत्य लेने जा रही है।

पहले भी हो चुकी नीलामी/वसूली नोटिस

सेंट बैंक ने राजेश सेठ और रजनी सेठ की जूना बिलासपुर मौजा खसरा 820 का टुकड़ा 816, 822/18 सीट क्रमांक 27/5 प्लाट क्र 71/3 रकबा 1800 वर्गफुट, 822/19 प्लाट क्रमांक 218 कुल रकबा 436 वर्गफुट, 3052 वर्गफुट पर निर्मित विनायका होम्स के दुतीय तल तथा पहन 22 सरकण्डा खसरा क्रमांक 648/7 सीट क्रमांक 23 ब्लाक 15 के 3600 वर्गफुट भूमि इसी तरह बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 47 लाख 91 हजार 678 रुपए की वसूली के लिए खसरा नंबर 822/18 पहन 22 सीट नंबर 27/5 उलट8 नंबर 71/3 संजय गांधी नगर कुल रकबा 1800 व 2992 वर्गफुट में निर्मित बिल्डिंग पट नोटिस इश्तिहार जारी किया था

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